भारतीय वर्तमान राजनीति
- देश आज एक भयावह स्थिति से गुजर रहा है जहां एक ओर देश भयंकर महामारी से लड़ रहा है वहीं दूसरी ओर हमारे पड़ोसी मुल्क चाइना ने भी सीमा पर काफी बड़ा विवाद खड़ा कर रखा है। जैसा कि विदित है कि हमारा पड़ोसी मुल्क अपनी विस्तारवादी अथवा साम्राज्यवादी नीति के लिए एशिया महाद्वी में प्रसिद्ध है,उसने हर बार की तरह इस बार भी हमारी सीमा में प्रवेश कर के हमारी कई ज़मीन हड़प ली। क्योंकि उसको पता था कि भारत एक बहुत बड़ी समस्या से गुजर रहा है और वह अपनी पूरी शक्ति नहीं जुटा पाएगा, परन्तु भारतीय सेना ने भी उसको कड़ी टक्कर दे कर उसके नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया। भारतीय सेना के जवानों का शौर्य अतुलनीय है। इन सब परस्थितियों के बीच यह भी कयास लगाए जा रहे हैं यह विवाद मौजूदा महामारी पर सरकार की विफलता पर से देश का ध्यान हटाने के उद्देश्य से किया गया है, और यह कोई पहली बार नहीं है, इसका ताजा उदाहरण पुलवामा हमला है जिस पर भी सरकार पर सवालिया निशान लगे थे। सरकार का भी दामन साफ नजर नहीं आ रहा है। आखिर ऐसा क्यों होता है कि जब भी सरकार सवालों के घेरे में आती है कोई का कोई अंतरराष्ट्रीय सैन्य संकट उत्पन्न हो जाता है, और समाजवाद को छोड़ कर राष्ट्रवाद में उलझ जाता है। हो ना हो पर सरकार भी संदेह के घेरे में है।
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